कब है उत्पन्ना एकादशी, बन रहा है मंगलकारी योग

The Hindustan Post
3 Min Read
Utpanna Ekadashi kab hai 2025

Utpanna Ekadashi kab hai 2025: उत्पन्ना एकादशी का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। यह वह पावन तिथि है जब देवी एकादशी का जन्म हुआ था। जिन्होंने भगवान विष्णु के शरीर से उत्पन्न होकर मूर नामक दैत्य का वध किया था। ऐसा कहा जाता है कि इस एकादशी का व्रत करने से व्यक्ति को पिछले और वर्तमान जन्मों से सभी पापों से मुक्ति मिलती है। इस साल उत्पन्ना एकादशी कब मनाई जाएगी? आइए जानते हैं

उत्पन्ना एकादशी कब है – Utpanna Ekadashi kab hai 2025

हिंदू पंचांग के अनुसार 15 नवंबर को देर रात 12:49 पर अगहन महीने के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि शुरू होगी। वहीं इसका समापन अगले दिन 16 नवंबर को देर रात 2:37 पर होगा। हिंदू धर्म में उदय तिथि है। इसलिए 15 नवंबर को उत्पन्ना एकादशी मनाई जाएगी। वहीं इसका पालन 16 नवंबर को दोपहर 12:55 से लेकर दोपहर 3:08 के बीच में किया जाएगा।

Utpanna Ekadashi kab hai 2025

इसे भी पढ़ें – PM Kisan Nidhi Yojana 21th Installment Update: कब आएगी पीएम किसान योजना का 21वीं किस्त?

उत्पन्ना एकादशी पूजन विधि

एकादशी से एक दिन पहले दशमी तिथि की रात में सात्विक भोजन और ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए। ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और साफ कपड़े धारण करें। भगवान विष्णु के समक्ष हाथ में जल, फूल और अक्षत लेकर व्रत का संकल्प लें। भगवान विष्णु की प्रतिमा स्थापित करें। उन्हें रोली, चंदन, अक्षत, पीले फूल, फल और तुलसी अर्पित करें और “ओम नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप भी करें।

इसके बाद एकादशी की व्रत की कथा पढ़ें और अंत में भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की आरती करें। इस दिन केवल फलहार ही करना चाहिए। इस दिन चावल का सेवन वर्जित माना गया है। अगर हो पाए तो रात के समय भगवान का भजन कीर्तन करें। अगले दिन यानी कि 16 नवंबर को द्वादशी तिथि पर शुभ मुहूर्त में ब्राह्मणों को भोजन कराएं या दान दें। इसके बाद व्रत का पारण करें। पारण हमेशा हरि वासर यानी कि द्वादशी तिथि को करना चाहिए।

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *