सर्दियों में तिल और गुड़ खाने से होता है शरीर में चमत्कारी बदलाव

The Hindustan Post
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Sesame Seeds and Jaggery Benefits


Sesame Seeds and Jaggery Benefits: सर्दियां आते ही हर घर में गुड़ और तिल की खुशबू फैल जाती है। कहीं गजक बन रही होती है कहीं तिलगुड़ के लड्डू और कहीं रेवड़ी की मिठास। पर क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर सर्दियों में ही गुड़ और तिल खाने की सलाह क्यों दी जाती है? आज हम इसी का जवाब ढूंढेंगे आयुर्वेदिक, वैज्ञानिक और पारंपरिक तीनों नजरियों से।

Sesame Seeds and Jaggery Benefits

गुड़ और तिल दोनों ही हमारे भारतीय खान-पान की आत्मा है। आयुर्वेद में कहा गया है कि शीत ऋतु में शरीर को गर्म और संतुलित रखने के लिए मीठा और तेल युक्त आहार सबसे अच्छा होता है। गुड़ शरीर को अंदर से गर्म रखता है जबकि तिल उसे ऊर्जा और मॉइस्चर देता है। सर्दी के मौसम में जब शरीर की गर्मी कम हो जाती है और खून का प्रवाह धीमा पड़ता है तब यह दोनों चीजें मिलकर शरीर को दोबारा एक्टिव और वार्म बनाती हैं।

गुड़ एक एनर्जी बूस्टर है

Sesame Seeds and Jaggery Benefits

गुड़ सिर्फ एक मिठास नहीं बल्कि एनर्जी बूस्टर है। इसमें आयरन, मैग्नीशियम, कैल्शियम, पोटेशियम, विटामिन बी और कई एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं। यह खून में हीमोग्लोबिन बढ़ाता है जिससे शरीर को ज्यादा ऑक्सीजन मिलती है और गर्माहट बनी रहती है। सर्दियों में जब हाथ पैर ठंडे रहते हैं। गुड़ खाने से शरीर में ब्लड सर्कुलेशन सुधारता है। इसके अलावा गुड़ पाचन को दुरुस्त करता है। गैस कब्ज और एसिडिटी को दूर करता है और सर्दियों में खांसी जुकाम से बचाता है।

तिल के आयुर्वेदिक फायदे

तिल को आयुर्वेद में कहा गया है तेल युक्तम तिलम श्रेष्ठ यानी तिल सबसे श्रेष्ठ तेल वाला बीज है। इसमें कैल्शियम, आयरन, जिंक, विटामिन ई, ओमेगा फैटी एसिड्स और एंटी एजिंग तत्व मौजूद होते हैं। तिल का तेल शरीर की अंदरूनी नमी को बनाए रखता है। इससे त्वचा सूखती नहीं, बाल झड़ते नहीं और जोड़ों में दर्द कम होता है। तिल के बीज में मौजूद कैल्शियम हड्डियों को मजबूत करता है। इसलिए बुजुर्गों को सर्दियों में तिल के लड्डू जरूर खाने चाहिए।

गुड़ और तिल खाने के फायदे

Sesame Seeds and Jaggery Benefits

अब बात करते हैं गुड़ और तिल खाने के फायदे की देखिए जब गुड़ और तिल एक साथ खाए जाते हैं। यह शरीर को बैलेंस्ड वार्मथ प्लस एनर्जी दोनों देते हैं। गुड़ शरीर को अंदर से गर्म करता है जबकि तिल शरीर की नमी को बनाए रखता है ताकि एक्सेस हीट से ड्रनेस ना हो। इसलिए मकर संक्रांति जैसे त्यौहारों पर भी तिल गुड़ खाओ, मीठा बोलो कहा जाता है। क्योंकि उस वक्त मौसम सबसे ठंडा होता है और यह जोड़ी शरीर को सर्दी से बचाने के साथ-साथ एनर्जी, इम्युनिटी और ग्लो तीनों देती है।

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ज्यादा गुड़ खाने के नुकसान

गुड़ और तिल दोनों ही फायदेमंद है लेकिन संतुलन जरूरी है। रोजाना 20 से 30 ग्राम से ज्यादा ना खाएं। डायबिटीज वाले लोग गुड़ सीमित मात्रा में ही लें। अगर शरीर में बहुत गर्मी रहती है तो दिन में नहीं बल्कि शाम या रात में खाएं। बच्चों और बुजुर्गों के लिए तिल, गुड़ के लड्डू सबसे बेहतर है। पचने में आसान और ताकतवर। तो दोस्तों गुड़ और तिल सिर्फ स्वाद नहीं सर्दियों का देसी इलाज है। थोड़ा सा गुड़ थोड़ा सा तिल रोज अपने खाने में शामिल कीजिए। आपका शरीर खुद बताएगा क्यों दादी नानी की सलाह सोने से भी कीमती होती है।

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